Thursday, January 24, 2019

वजूद..


तुम्हे खोजता हूँ,
या खुद को,
तुम एक बहाना हो,
कह दो मुझको..

वजूद मेरा है,
या अस्तित्व तुम्हारा,
तुम एक फ़साना हो,
लगा जैसे मुझको..

मेरी कोई ख्वाहिश,
या तुम्हारी तलाश,
तुम! सच मे तुम हो?
लगता नही मुझको...

जितेंद्र..


No comments:

Post a Comment